बुधवार, 20 जनवरी 2016

Richest beggars of India

भारत के " रईस " भिखारी

एक दिन मोबाइल पर मित्र मंडली का whats app मैसेज आया जिसमें एक भिखारी के विषय में लिखा था कि वो इतने हज़ार रूपये महीने कमाता है ! माथा ठनक गया - यार इंजीनियरिंग करने के बाद हमें क्या मिलता है ? और इसे ! तो क्या भिखारी बन लिया जाए ? लेकिन सबकी ऐसी किस्मत कहाँ होती हैं ? भिखारी को मैं उस सेल्स ऑफिसर से ज्यादा योग्य मानता हूँ जो गंजे को कंघी बेच देता है लेकिन भिखारी बिना कुछ बेचे आपकी जेब से पैसे निकलवा लेता है ! कौन ज्यादा टैलेंटेड हुआ ? भिखारी इस दुनियां का सबसे सम्मानित व्यक्ति होना चाहिए , वो बिना किसी कोर्स के , बिना किसी इन्वेस्टमेंट के इतना कुछ कर डालता है , इतना कुछ कमा लेता है ! वो ही एक ऐसा व्यक्ति है जो गरीब से गरीब आदमी को कुछ पल के लिए " अमीर " बन जाने का एहसास दिलाता है ! जब वो आपसे कहता है -बाबू जी अल्लाह के नाम पर कुछ दे दो तब आप कितने ही गरीब सही , आपको लगता है आपसे भी गरीब कोई है ! भले वास्तव में वो गरीब हो या न हो ! तो अब भिखारी होना आईआईटी और आईआईएम के मुकाबले का प्रोफेशन हो गया है ! इस प्रोफेशन के प्लस पॉइंट ज्यादा हैं जैसे आईआईटी और आईआईएम पास आउट लोगों को अपना जॉब करने के लिए कंपनी ढूंढनी होती है , मैट्रो सिटीज में आना होता है , एक घर होता है , बॉस की डांट झेलनी होती है लेकिन भिखारी बनकर आप कुछ दिनों बाद ही अपने बॉस हो जाते हैं , आप को बस भीड़ वाला इलाका चाहिए होता है !

आइये भारत के कुछ अमीर भिखारियों की बात करते हैं :


1 . भारत जैन : इनकी सबसे पहले बात करना इसलिए जरुरी जाता है क्योंकि इन्होने केवल 49 साल की उम्र में वो मुकाम हासिल किया है जो बड़े बड़े अधिकारी और मैनेजर लोग नही कर पाते ! भाईसाब 75 , 000 रूपये महीना कमाते हैं और मुंबई के परेल में रहते हैं ! इनके पास 70 लाख की कीमत वाले दो फ्लैट हैं लेकिन जहां ये काम करते हैं वहां से इनका घर दूर पड़ता है इसलिए वीकली ही घर आते हैं ! घर में बीवी और दो बच्चे हैं जिनमें से बेटी कर्णाटक में इंजीनियरिंग पढ़ती है ! भाईसाब ने अपनी एक दूकान भी किराये पर लगा रखी है जिससे इन्हें 10 ,ooo रूपये महीना मिलता है ! भारत की अपनी फैमिली स्टेशनरी का बिजनेस करती है लेकिन ये भाईसाब अपने इस काम को छोड़ना नही चाहते !






ये हैं भारत जैन

और इस  बिल्डिंग में है इनका फ्लैट



2 . कृष्ण कुमार गीते : ये भाईसाब लगभग 1500 रूपये प्रतिदिन कमाते हैं लेकिन हिसाब किताब में कुछ कच्चे हैं इसलिए इनका भाई इनका बिजनेस संभालता है ! इनका ऑफिस मुंबई के चरनी रोड के पास CP टैंक है ! इनके पास नाला सोपारा में अपना एक तीन कमरों का फ्लैट है !







3. मासू : मासू मुंबई के दादर में भीख मांगते हैं। करीब 40 साल से भीख मांग रहे मासू प्रतिदिन 1000 रूपये से लेकर 1500 रूपये तक आसानी से कमा लेते हैं और दम पर इनके पास 50 लाख की प्रॉपर्टी है ! इनके काम के घंटे सिर्फ आठ हैं यानी सुबह 10 बजे से शाम छः बजे तक ! मासू या मलाना ज्यादातर महंगे रेस्तौरेंट्स के बाहर भीख मांगता है जहां शराब पिए हुए फिल्म स्टार झूमते हुए उसे 1000 तक का नोट पकड़ा जाते हैं ! मासू अपने घर से एकदम किसी प्रोफेशनल की तरह सुईटेड बूटेड होकर ऑटो रिक्शा पकड़ता है और अपने काम की जगह से पहले ऑटो में ही अपने कपडे बदलता है !





4 . सर्वतीया देवी : किसी हिंदी फिल्म की तरह पॉपुलर पटना की लेडी भिखारिन सर्वतीया देवी यहां के अशोक सिनेमा के ही पीछे रहती हैं और प्रतिवर्ष 36000 रूपये का बीमा भरती हैं ! उन्होंने अपनी बेटी की शादी , पुणे की एक बहुराष्ट्रीय कंपनी में कार्यरत इंजीनियर से की है ! सर्वतीया देवी ज्यादातर ट्रेन में भीख मांगती हैं और वो कहती हैं कि ऐसे बिना टिकट ट्रेन में यात्रा करना और फिर एक निश्चित तक जाने में जो आनंद और जो पैसा मिलता हैं वो कहीं और संभव नही ! 







5 . पप्पू भिखारी : इलाहबाद के पप्पू भिखारी का जिक्र न किया जाए तो उसकी क्षमताओं को नजरअंदाज करना कहा जाएगा ! इन भाईसाब के पंजाब नेशनल बैंक , स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया , बैंक ऑफ़ बड़ोदा तथा इलाहबाद बैंक में अकाउंट हैं और लगभग सवा करोड़ रुपया इनके अकाउंट में है ! इसके अलावा उनके पास खेती योग्य दो बीघा जमीन भी है तथा बेटा इंग्लिश मीडियम स्कूल में पढता है ! 





6 . संभाजी काले : आइये इनसे मिलें ! ये अपनी फैमिली के चारों सदस्यों के साथ मुंबई के खार इलाके में भीख मांगने का धंधा करते हैं और आराम से 1000 हजार रूपये कमा लेते हैं ! इनके पास मुंबई के विरार में एक फ्लैट तथा सोलापुर में दो मकान हैं !





7 . रहमान और फातिमा : मुंबई के ही कल्याण बस्ती में रहने वाले रहमान और फातिमा भीख मांगते हैं लेकिन पैसे बैंक में नही रखते बल्कि घर में बोरी में भर देते हैं ! लेकिन एक दिन झोंपड़ी में आग लग गयी जिस वजह से उनकी दो बोरियां जलकर ख़ाक हो गयीं ! 






8 . लक्ष्मी देवी : ये भी मुंबई की प्लेयर हैं और लगभग 16 वर्ष की उम्र से 1964 से इस धंधे में हैं ! करीब 35 लाख रूपये बैंक में हैं इनके और आज भी इनकी दिहाड़ी 1000 -1500 रूपये है !!





भिखारी बनने के ख्वाब देखने में कोई बुराई तो नहीं ?



सोमवार, 11 जनवरी 2016

Dalit Prerna Sthal Noida -Part 2

इस यात्रा वृतांत को शुरू से पढ़ने के लिए यहां क्लिक करिये !!​
 

मैं तीसरे जोन में था ! ये एक तरह से इस पार्क का आखरी जोन है ! इससे पहले दो जोन और हैं।  दूसरा और पहला ! दूसरे जोन में सिर्फ जंगल है , एक तरह का घना जंगल कह सकते हैं ! पीपल , अमलतास , नीम आदि के बहुत वृक्ष हैं जो बहुत ही तरीके से रोपित किये गए हैं ! बीच बीच में इलेक्ट्रिक पंप लगाए हुए हैं और इसके साथ साथ इसके मेंटेनेंस के लिए और सुरक्षा के लिए एक पूरी फ़ौज है ! इससे ज्यादा नही तो कम से कम आसपास का वातावरण जरूर शुद्ध रहता होगा ! ज्यादा लिखने को नहीं है इस पोस्ट में इलिये आज सिर्फ फोटो ज्यादा देखेंगे !


रहने खाने का प्रबंध अंदर ही है कर्मचारियों के लिए ! ये फ्लाई ओवर के नीचे बना है


इस फाउंटेन में तीन लेयर में हाथी लगे हुए हैं ! पहले बड़े , फिर मीडियम और फिर छोटे





बहुत शानदार गुणवत्ता में है हर चीज





































                                                       जारी रहेगी;

मंगलवार, 5 जनवरी 2016

Rashtriya Dalit Prerna Sthal : Noida

​इस पोस्ट को लिखने से पहले एक दो बात स्पष्ट लिख देना चाहूँगा ! पहली बात इस पोस्ट को किसी भी तरह से राजनीतिक दृष्टिकोण से न देखा जाए और दूसरी बात ये कि इस पोस्ट के आधार पर मुझे किसी व्यक्ति विशेष या किसी राजनीतिक पार्टी विशेष का समर्थक न मान लिया जाए !

राष्ट्रीय दलित प्रेरणा स्थल जाने कब से जाना चाहता था किन्तु कोई संयोग ही नही बन पा रहा था ! आखिर दिसंबर महीने की 29 तारीख़ को मैंने अपनी बची हुई छुट्टी ली और गाज़ियाबाद से नॉएडा आ गया ! गाज़ियाबाद से लगभग हर 15 मिनट पर नॉएडा के लिए बस तथा अन्य साधन हमेशा उपलब्ध रहते हैं ! ऐसे नॉएडा और गाज़ियाबाद में बीएस एक सड़क का अंतर है ! NH -24 पार करिये इधर नॉएडा और उधर गाज़ियाबाद ! ​नॉएडा का सैक्टर 37 बहुत व्यस्त रहता है ! यहीं मेट्रो का बोटैनिकल गार्डन स्टेशन है तो अगर आप दिल्ली से आ रहे हैं तो सीधे मेट्रो से आ सकते हैं ! मेट्रो स्टेशन से बाहर निकलकर बस वाले चिल्लाते रहते हैं - हाईवे , परी चौक ! हाईवे , परी चौक ! हर एक मिनट पर बस उपलब्ध है ! हालाँकि आसानी से कोई बिठाता नही है लेकिन 10 रूपये दो तो ले जाएगा ! बस मुश्किल से 1-2 किलोमीटर ही दूर है ! पैदल बचने के चक्कर में बस में बैठा था लेकिन बस वाले ने बहुत आगे उतारा और फिर भी पैदल ही चलना पड़ गया ! हुआ ऐसे कि इस स्थल के पांच गेट हैं और नॉएडा की तरफ से 5 नंबर गेट पहले पड़ता है लेकिन बस वाले ने मुझे 1 नंबर गेट पर उतारा ! इस पार्क में एंट्री गेट नंबर 5 से होती है इसलिए अब पैदल चलकर 5 नंबर गेट पर जाना पड़ेगा ! एक नंबर गेट पर एक सुरक्षाकर्मी बैठा था उसे कहा भाई यहीं से घुसा ले ? टिकेट के 10 रूपये ले लियो ! वो नही माना ! फिर दुसरे गेट पर पहुंचा -उसे रिक्वेस्ट की ! पहले तो मना कर दिया ! मैंने उसे पूठा - आप इटावा के हो ? बोला हाँ - मैंने कहा मैं अलीगढ से हूँ ! ट्रिक आखिर में काम कर गई ! और उस सुरक्षाकर्मी ने अपनी जेब से वैध टिकट निकालकर मुझे गेट नंबर 2 से ही एंट्री दे दी ! टिकट का 10 रुपया लगता है !

नॉएडा के सैक्टर 95 में स्थित राष्ट्रीय दलित प्रेरणा स्थल उत्तर प्रदेश की महिला मुख्यमंत्री मायावती की देन है ! सिर्फ ये ही पार्क और बिल्डिंग नही बल्कि नॉएडा -ग्रेटर नॉएडा तथा लखनऊ में भी इस तरह का पार्क बनवाया है ! लगभग 700 करोड़ रूपये में बनकर तैयार हुआ ये पार्क 14 अक्टूबर 2011 को सामान्य जनता के लिए खोला गया ! लगभग 82 एकड़ में फैला ये दलित प्रेरणा स्थल और पार्क यमुना किनारे स्थित है हालाँकि यमुना दिखती तो नही है ! जब इसे बनवाया गया था तो ये सोचा गया था कि इस पैसे को टिकट बेचकर निकाल लिया जाएगा लेकिन वहां गिनती के लोगों को आये देखकर मुझे नही लगता कि इसके मेंटेनेंस का खर्चा भी टिकट से निकल पाता होगा ! इस प्रेरणा स्थल में दलित महापुरुषों और मायावती तथा काशीराम की मूर्तियां लगी हुई हैं ! लेकिन सिर्फ मूर्तियों पर गौर मत करियेगा , वहां लगे संगमरमर के पिलर और फाउंटेन इस पार्क को बहुत खूबसूरत बनाते हैं ! अलग अलग तरह के वृक्ष और उनका रखरखाव पर्यावरण को बहुत ही स्वच्छ रखने में मददगार हो रहे हैं ! ये एक ऐसा स्थान है जहां आप दलित वर्ग के उत्थान के लिए काम करने वाले महापुरुषों को करीब से जानते हैं , उन्हें पहिचानते हैं और उनकी उपलब्धियों को समझते हैं ! लेकिन इस सबको समझने के लिए जरुरी है कि आप वहां तक जाएँ और बिना किसी राजनीतिक नजर के जाएँ ! इस पार्क को तीन क्षेत्रों में विभाजित किया गया है ! मैं गेट नंबर 2 से तीसरे क्षेत्र में प्रवेश हुआ था इसलिए पहले आपको वहां के ही फोटो दिखाऊंगा , फिर आगे चलेंगे !! 

​आइये फोटो देखते हैं :


​ये पिलर कुल मिलाकर 26 हैं ! 13 इस तरफ और 13 उस तरफ

​​ये पिलर का बेस
​​ये पिलर का टॉप
​​ये पिलर का टॉप




गुरु घासीदास जी
गुरु घासीदास जी

गुरु रवि दास जी
गुरु रवि दास जी


बसपा संस्थापक काशीराम जी

बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर
बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर





बिरसा मुण्डा

शाहू जी महाराज
शाहू जी महाराज
शाहू जी महाराज





































                                                                                                                        ​​ जारी रहेगा :