सोमवार, 2 जुलाई 2018

Adi Kailash Yatra - Preaprations Before Start

इंसान बड़ा अजीब प्राणी है ! जब तक जिन्दा रहता है तब तक सपने देखता है और उन सपनों को पूरा करने का हर तरीका अपनाता है। कुछ सपने पूरे होते हैं तो कुछ अधूरे रह जाते हैं लेकिन यही सपनों की दुनियां इंसान से बड़े -बड़े काम करा देती है ! आज आप अपने आसपास जो कुछ भी देखते हैं शानदार गाड़ियां - इलेक्ट्रॉनिक्स - चाँद तक जाने की तमन्ना या एवेरेस्ट की चोटी तक को छूने की ख्वाहिश ! सब में सपनों की उड़ान और उन्हें पूरा करने के पीछे की जद्दोजहद छिपी होगी।

अपना भी एक छोटा सा सपना था कुछ ही सालों पहले का, आदि कैलाश और ओम पर्वत के दर्शन का । वो सपना इस वर्ष जून में पूरा हुआ !! एक ब्लॉगर होने के नाते ये मेरा फ़र्ज़ बनता है कि आदि कैलाश यात्रा को आप तक पहुंचाऊं और सूचना तथा जानकारी का अभाव जो हमें झेलना पड़ा उसे कुछ हद तक कम कर पाऊं।

आप सभी मित्रों ने भले आदि कैलाश या ॐ पर्वत का नाम पहले न सुना हो या सुना भी होगा तो बहुत ज्यादा परिचित नहीं होंगे लेकिन मुझे पक्का भरोसा है कि आप सभी ने "कैलाश मानसरोवर " यात्रा का नाम जरूर सुना होगा। तो मैं अपनी बात को कैलाश मानसरोवर के माध्यम से भी कहने की कोशिश करूँगा जिससे आपको रास्तों और जगहों की बेहतर जानकारी मिल पाएगी। कैलाश मानसरोवर क्यूंकि तिब्बत में है इसलिए बहुत कम और लकी ड्रा से चुने हुए लोग ही वहां जा पाते हैं और कैलाश मानसरोवर जाने के लिए जेब भी बहुत भारी होनी चाहिए क्योंकि औसतन 1.5 -2.0 लाख रुपया का खर्च आ ही जाता है। आदि कैलाश , कैलाश मानसरोवर की प्रतिकृति ( Replica ) है इसलिए इसे कभी -कभी "छोटा कैलाश " भी कहते हैं। इसलिए हम जैसे जो लोग कैलाश मानसरोवर नहीं जा पाते वो भारत के उत्तराखंड राज्य में पिथौरागढ़ के जौलिंगकोंग स्थित "आदि कैलाश " के दर्शन कर स्वयं को कृतार्थ मान लेते हैं।

ॐ पर्वत , कैलाश मानसरोवर के रास्ते में ही आता है इसलिए जो लोग उत्तराखंड के पिथौरागढ़ के रास्ते कैलाश मानसरोवर की यात्रा पर जाते हैं वो रास्ते में ही ॐ पर्वत के दर्शन कर लेते हैं। मैंने कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए पिथौरागढ़ लिखा है , धारचूला नहीं लिखा ! जबकि यात्रा धारचूला से ही शुरू होती है तो इसके पीछे कुछ वजह हैं ! थोड़ा विस्तार दूंगा अपनी बात को !! 
कैलाश मानसरोवर यात्रा तीन तरह से होती है -

1 . एक रास्ता है उत्तराखंड के पिथौरागढ़ और धारचूला होते हुए, ॐ पर्वत के दर्शन करते हुए लोग लिपुलेख दर्रा पार कर कैलाश मानसरोवर पहुँचते हैं ! जिसमें धारचूला से करीब 30 किलोमीटर दूर लखनपुर से पैदल यात्रा करनी होती है और ये रास्ता कहीं -कहीं बहुत कठिन होता है। इस यात्रा में पहला पड़ाव बुद्धी गाँव आता है फिर अगला पड़ाव गुंजी। गुंजी में फिर से यात्रियों का मेडिकल होता है और तब यात्री कालापानी और ॐ पर्वत होते हुए लिपुलेख दर्रा पार करते हैं। जहां से ॐ पर्वत दिखाई देता है उस जगह को नाभीढांग कहते हैं जहां से लिपुलेख दर्रा केवल 9 किलोमीटर दूर रह जाता है , मतलब तिब्बत ही आ जाता है। इस बार यानी जून -2018 में केवल एक ग्रुप ही पैदल यात्रा करके गया और रास्तों की भयावहता देखकर बाकी ग्रुप के यात्रियों को पिथौरागढ़ से गुंजी तक हेलीकाप्टर से ले जाया गया. इसीलिए मैंने धारचूला की जगह पिथौरागढ़ लिखा था।

2 . कैलाश मानसरोवर यात्रा का दूसरा रास्ता सिक्किम के नाथुला दर्रा से होकर गुजरता है लेकिन ये कम समय और ज्यादा खर्च वाला रास्ता है।

3 . तीसरा रास्ता नेपाल के माध्यम से है।

अब आते हैं आदि कैलाश यात्रा पर। और सबसे पहले बात करेंगे कौन -कौन से डॉक्यूमेंट की आपको जरुरत पड़ेगी। आदि कैलाश और ॐ पर्वत दोनों ही भारत -तिब्बत की सीमा के नजदीक पड़ते हैं इसलिए मूल निवासियों के अलावा अगर वहां कोई जाता है तो उसे SDM -धारचूला से परमिशन लेनी होती है जिसे इनर लाइन परमिट कहते हैं। इनर लाइन परमिट पर उन स्थानों के नाम लिखे होते हैं जहां आप जा सकते हैं और समयावधि भी लिखी होती है। आदि कैलाश और ॐ पर्वत यात्रा के लिए अधिकतम 18 दिन का इनर लाइन परमिट मिलता है और अगर आप इससे ज्यादा दिन रुकते हैं या इनर लाइन पास में लिखे स्थानों के अलावा और कहीं जाते हैं तो उत्तराखंड पुलिस और ITBP आपके खिलाफ कानूनी कार्यवाही कर सकती है।

इनर लाइन पास के लिए आपको अपने लोकल पुलिस स्टेशन से PCC (पुलिस क्लीयरेंस सर्टिफिकेट ) लेकर जाना होता है , मतलब चरित्र प्रमाण पत्र ! ये इस बात का प्रमाण होता है कि आपके ऊपर कोई केस तो नहीं चल रहा ? PCC लेकर सीधे धारचूला के राजकीय अस्पताल में जाइये वहां मेडिकल की फॉर्मेलिटी कराइये। बस 11 रूपये की सरकारी पर्ची कटाइये  , 10 मिनट में आपका मेडिकल सर्टिफिकेट मिल जाएगा। ध्यान  रखियेगा कि मेडिकल सर्टिफिकेट सिर्फ धारचूला का ही चलेगा। अब आप इनर लाइन पास के लिए जा रहे हैं तो कुछ चीजें चेक करिये :

1 . PCC

2. पहिचान पत्र (original ) + ज़ेरॉक्स कॉपी

3 . Medical Certificate (Original )
4 . Affidavit ( वहीँ SDM ऑफिस के पास नोटरी बैठता है वहां से बन जाता है कुछ पैसे देकर ) 

5 . चार (4) पासपोर्ट साइज के फोटो

6 . आदि कैलाश और ॐ पर्वत यात्रा का फॉर्म

ये सब चीजें लेकर आप SDM ऑफिस चले जाइये , आपको कुछ देर के बाद इनर लाइन पास मिल जाएगा और आप बिना हिचक अपनी आदि कैलाश यात्रा शुरू कर पाएंगे। SDM ऑफिस में आपका ओरिजिनल पहिचान पत्र जमा करा लिया जाएगा और आप जब यात्रा समाप्त करके लौटेंगे तब अपना इनर लाइन पास दिखाकर उसे वापस ले सकते हैं। इनर लाइन पास ही इस यात्रा में आपका सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज होने वाला है इसलिए इसे बहुत संभालकर रखें। जहाँ -जहां आप जाएंगे , आपसे जाते हुए और आते हुए आपका इनर लाइन पास देखा जाएगा और आपका आने और वहां से जाने का समय रजिस्टर में नोट किया जाएगा।

हम अपनी यात्रा को दिल्ली से शुरू करेंगे और फिर लौटकर दिल्ली में ही समाप्त करेंगे। यहां एक बात बतानी और जरुरी है कि आदि कैलाश यात्रा और ॐ पर्वत यात्रा को उत्तराखंड सरकार का उपक्रम कुमायूं मंडल विकास निगम लिमिटेड (KMVN ) भी हर साल आयोजित कराता है और उसके अलग अलग जगह से यात्रा शुरू करने के अलग -अलग पैकेज होते हैं जैसे दिल्ली से दिल्ली - 40,500 रूपये , काठगोदाम से काठगोदाम 35,500 रूपये और धारचूला से धारचूला 30,500 रूपये लेकिन हमने जो यात्रा की थी वो अपने स्तर पर की है मतलब प्राइवेट , जिसमें अपने स्तर से रास्तों की जानकारी जुटाना , रहने -खाने का इंतेज़ाम खुद करना। मतलब अपनी मर्जी के मालिक ! और आश्चर्यजनक रूप से हमारी यात्रा KMVN की तुलना में बहुत , मतलब बहुत सस्ती रही। संभव है हमें वो लक्ज़री न मिल पाई हो जो निगम से गए यात्रियों को मिली होगी ? लेकिन आनंद और यात्रा को अपनी तरह से करने की ख़ुशी शायद हमें ज्यादा मिली। आगे इस विषय में और भी बातें करेंगे तो संभव है कि आप भी एक मोटा- मोटी अंदाज़ा तो लगा ही पाएंगे !!

आदि कैलाश यात्रा को विधिवत शुरू करने से पहले इसके पीछे की हलचलों से भी आपको अवगत कराना चाहता हूँ। पिछले साल उमेश पंत की एक किताब आई थी "इनर लाइन पास " जिसमें उन्होंने आदि कैलाश और ॐ पर्वत यात्रा का सुन्दर वर्णन किया है। मैंने भी ये किताब पढ़ी थी और किताब पढ़ने के बाद मन बना लिया था कि यहां जाना ही है। जाना है और अगर कुछ और साथी और मिल जाएँ तो काम और दाम आसान हो जाएंगे। हम बहुत सारे मित्रों का एक फेसबुक ग्रुप है "घुमक्कड़ी दिल से " . जिसके आज की तारीख में 15000 के आसपास सदस्य हैं। तो मैंने अपनी ये ख्वाहिश इस ग्रुप में पोस्ट कर दी। गज़ब का रिस्पांस आया और करीब 64 लोगों ने फेसबुक पर तथा करीब 28 लोगों ने फ़ोन पर संपर्क किया। ये मार्च -2018 की बात है। मित्रों ने चेताया कि इतने लोगों को संभाल पाओगे ? लेकिन मुझे मालुम था कि इनमें से ज्यादातर अभी हाँ कर रहे हैं क्यूंकि सिर्फ हाथ उठाना है , जब चलने का दिन आएगा तो इनमें से आधे भी नहीं जाएंगे और हुआ भी कुछ ऐसा ही। मेरे मित्रों की चिंता स्वाभाविक भी थी क्योंकि पिछले साल कुछ इस तरह की घटना घटित हुई हैं जिनमें साथ गए एक युवक की दुखद मौत भी हो गई थी इसलिए सोच समझकर फैसला लेना था। यात्रा कठिन भी थी आदि कैलाश की और लम्बी भी थी इसलिए चिंता होना स्वाभाविक था और पहली बार यात्रा शुरू करने का बीड़ा भी उठाया था लेकिन भगवान भोलेनाथ की कृपा से सब कुशलता से संभव हुआ और आज आपके लिए आदि कैलाश की यात्रा ​का​ पूरा वृतांत लिख रहा हूँ !! जय बाबा भोलेनाथ !!

फेसबुक के ग्रुप से शुरू होकर यात्रा का एक टेम्पररी Whats App ग्रुप भी बन गया और बहुत सारे लोग जुड़ने लगे। लेकिन इसी बीच मुझे कुछ दिन के लिए इलाहबाद जाना पड़ गया और फ़ोन भी खराब हो गया तो मैं Whats App से लगभग गायब हो गया। जब दोबारा जुड़ा तो देखा -कई लोग छोड़कर जा चुके हैं। उन सब से बात की तो धीरे -धीरे बात समझ में आने लगी। कुछ लोगों को मुझ पर , मेरी क्षमताओं पर संदेह था कि मैं ये यात्रा करा पाऊंगा या नहीं !! मैंने उन्हें और उन्होंने मुझे धन्यवाद दिया लेकिन विशेष धन्यवाद जयपुर के रहने वाले कोठारी जी , नासिक के रहने वाले जोशी जी , मानसा - पंजाब के रहने वाले हरजिंदर सिंह और दिल्ली के रहने वाले गौरव शर्मा का जिन्होंने मुझे शुरू से आखिर तक समर्थन दिया और एक बेहतरीन यात्रा को ख़ुशी -ख़ुशी पूरा किया। मुझ पर या मेरी जानकारी और क्षमताओं पर सवाल उठाने वालों को मैं गलत नहीं मानता क्योंकि इतनी कठिन और लम्बी यात्रा पर आप किसी के भरोसे एकदम से कैसे जा सकते हैं ? शायद आपकी जगह मैं होता तो मुझे भी संदेह तो रहता ही !! 

महत: परित: प्रसर्पतस्तमसो दर्शनभेदिनो भिदे।
          दिननाथ इव स्वतेजसा हृदयव्योम्नि मनागुदेहि न:॥
भावार्थ :
हे शम्भो हमारे हृदय आकाश में, आप सूर्य की तरह अपने तेज से चारों ओर घिरे हुए, ज्ञानदृष्टि को रोकने वाले, इस अज्ञानान्ध्कार को दूर करने के लिए प्रकट हो जाओ। ;सूर्य जिस प्रकार अपने तेज–प्रकाश से रात्रिा जन्य अन्ध्कार को दूर कर देता है, उसी प्रकार आप भी यदि हमारे हृदय में प्रकट रहेंगे अर्थात् हमारे यान में रहेंगे तो जरूर हमारा भी कुछ न कुछ अज्ञानान्ध्कार दूर हो जायेगा।
Few Glimpse from The Trek of "Adi Kalash " & "OM Parvat "

















11 टिप्‍पणियां:

Unknown ने कहा…

Boss can we tock abut this journey at my phon

Unknown ने कहा…

Namaskar main aap ki De Gayi Jankari se bahut hi Khush Hoon main bhi Asha karta hoon is saal 2019 ki June Mein Jaane Ki Koshish karunga aap ki De Gayi Jankari Mere bahut hai kaam Aayegi aur Asha karta hoon ki aap ISI Tarah Aur Bhi Yatra ke bare mein Aage Bhi Jankari dete rahenge aur ek baat main aap se Kehna Chahta Hoon Ki aap Jaha Jaha Jau use Jagah ka photo bhi saath mein de diya kijiye Kyunki Khushi ji Hamein sunkar Yad hoti hai aur kuch chij Dekh Kar Bhi Yaad rehti hai Asha karta hoon ki aap meri is Baat par Jarur Gaur Karenge namaste aapka aabhari Pawan Chouhan Kolkata phone number 988 366 3517

pankaj ने कहा…

मेरा नाम पंकज गुप्ता है और मैं दिल्ली में रहता हूं हम लोग 4 लोग 10 जून को यहां से दिल्ली से चंडीगढ़ से वाराणसी से दिल्ली मिलकर हम चार लोग 12 जून को धारचूला मिलेंगे और इस यात्रा में जाने के लिए तैयार हैं मेरा फोन नंबर है 98111 41752

Unknown ने कहा…

Please provide me your contact no

Narendra Kumar Patel ने कहा…

Narendra Kumar Patel
I have impressed to see your blog and get so many information. I am from Jamshedpur, Jharkhand. In this year 2019 I am going to Adi Kailash Yatra. At least 18 yatries with me.

Yogi Saraswat ने कहा…

Bhai mitro maine apna number diya hai pahle bhi ...7838936594

Unknown ने कहा…

हम भी जाना चाहते हैं मेरा मोबाइल नंबर 7979921956
हर हर महादेव जय भोले

Rajiv seth ने कहा…

Interested
8588852129

Unknown ने कहा…

Mujhye bhi jana hai

Unknown ने कहा…

मुझे अगस्त 2019 मै जाना हैं कोई साथी चाहिए जाने के लिए, इच्छुक व्यक्ति संपर्क करे.
रोहित गुप्ता, हिमाचल प्रदेश 8894627800.
कृपया call what's app करे.


जै भोले नाथ 🙏🙏🙏

Unknown ने कहा…

कहा से हो आप